History Of sikhism And Punjab

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History Of sikhism And Punjab

History of Sikhism History of Sikhism The first Sikh Guru, Guru Nanak, set fire to the Punjab region of South Asia in the fifteenth century. Its religious traditions were finalized by Guru Gobind Singh on 30 March 1699. … The five loves then joined Guru Khandse by giving nectar to Guru Gobind Singh.and Sikhism, or Sikhi, is a monotheistic religion that originated in the Punjab region of the Indian subcontinent around the end of the 15th century. Sikhism is one of the youngest of the major world religions and the world’s fifth largest organized religion, as well as being the world’s ninth-largest overall religion.

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(1). Guru Nanak Dev

(A). Guru Nanak Dev is considered the first Guru of Sikhism.

(B). Sikhism was founded by Guru Nanak Dev in the 5th century, that’s why the founder of Sikhism is called Guru Nanak Dev.

(2). Talwandi (Pakistan) –

(A). Guru Nanak Dev was born on 15 April 1469 in a village called Talwandi situated on the banks of Ravi river in Pakistan.

(3). Guru Nanak Dev

(A). Guru Nanak Dev started the langar system in Sikhism.

(4). Guru Angad-

(A). Guru Angad is considered the second Guru of Sikhism.

(B). Guru Angad is also known as Lehna.

(C). Gurmukhi script was invented by Guru Angad.

(5). Guru Ramdas-

(A). Guru Ramdas is considered the fourth Guru of Sikhism.

(B). Akbar donated 500 bighas of land to Guru Ramdas.

(C). The city of Amritsar was founded by Guru Ramdas.

(D). Amritsar city is located in Punjab.

(6). Guru Arjun Dev-

(A). Guru Arjun Dev is considered the fifth Guru of Sikhism.

(B). Guru Arjun Dev wrote the ‘Adi Granth’, a treatise in Sikhism.

(C) .The Mughal ruler or Emperor Jahangir hanged Guru Arjun Dev.

(7) .Swarna Temple-

(A). The Golden Temple is located in Amritsar city of Punjab.

(B). The Golden Temple is actually the Gurudwara of Guru Harimandir Sahib.

(C). The Golden Temple was plated with gold by Maharaja Ranjit Singh.

सिख धर्म (सिख धर्म का इतिहास)

सिख धर्म का इतिहास प्रथम सिख गुरु, गुरु नानक के द्वारा पन्द्रहवीं सदी में दक्षिण एशिया के पंजाब क्षेत्र में आग़ाज़ हुआ। इसकी धार्मिक परम्पराओं को गुरु गोबिन्द सिंह ने 30 मार्च 1699 के दिन अंतिम रूप दिया।,पाँच प्यारों ने फिर गुरु गोबिन्द सिंह को अमृत देकर ख़ालसे में शामिल कर लिया।

(1).गुरु नानक देव

(A).गुरु नानक देव सिख धर्म के प्रथम गुरु माने जाते है।

(B).सिख धर्म की स्थापना 5वीं शताब्दी में गुरु नानक देव ने ही की थी इसीलिए सिख धर्म का संस्थापक गुरु नानक देव को कहते है।

(2).तलवंडी (पाकिस्तान)-

(A).गुरु नानक देव का जन्म सन् 15 अप्रैल 1469 को पाकिस्तान में रावी नदी के किनारे स्थित तलवंडी नामक गाँव में हुआ था।

(3).लंगर प्रथा-

(A).सिख धर्म में लंगर प्रथा को गुरु नानक देव ने ही शुरू किया था

(4).गुरु अंगद-

(A).गुरु अंगद सिख धर्म के दूसरे गुरु माने जाते है।

(B).गुरु अंगद को लेहना के नाम से भी जान जाता है।

(C).गुरुमुखी लिपि का आविष्कार गुरु अंगद ने ही किया था।

(5).गुरु रामदास-

(A).गुरु रामदास सिख धर्म के चौथे गुरु माने जाते है।

(B).अकबर ने गुरु रामदास को 500 बिघा जमीन दान में दी थी।

(C).अमृतसर शहर की स्थापना गुरु रामदास ने ही की थी।

(D).अमृतसर शहर पंजाब में स्थित है।

(6).गुरु अर्जुन देव-

(A).गुरु अर्जुन देव सिख धर्म के पांचवें गुरु माने जाते है।

(B).गुरु अर्जुन देव ने सिख धर्म के ग्रंथ ‘आदि ग्रंथ’ की रचना की थी।

(C).मुगल शासक या बादशाह जहांगीर ने गुरु अर्जुन देव को फांसी पर लटका दिया था।

(7).स्वर्ण मंदिर-

(A).स्वर्ण मंदिर पंजाब के अमृतसर शहर में स्थित है।

(B).स्वर्ण मंदिर वास्तव में गुरु हरिमन्दिर साहिब का का गुरुद्वारा है।

(C).स्वर्ण मंदिर पर महाराजा रणजीत सिंह के द्वारा सोने की परत चढ़वाई गई थी।