Indian Constitution Objectives or Introduction

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भारत के संविधान की उद्देशिका अथवा प्रस्तावना को ‘संविधान की कुंजी’ कहा जाता है ।42वें संविधान संशोधन अधिनियम 1976 के द्वारा इसमें ‘समाजवाद’, ‘ पंथनिरपेक्ष ‘ और ‘राष्ट्र की अखंडता’ शब्द जोड़े गए,संविधान सभा मेँ प्रस्तुत उद्देश्य प्रस्ताव पर आधारित है। उद्देश्यिका …. चाहे वह धर्म के आधार पर हो, जाति, लिंग, जन्म अथवा राष्ट्रीयता के आधार पर।अर्थात् प्रस्तावना मे सविधान कि सामान्य जानकारी उल्लेखित होती है इसिलिए प्रस्तावना को सविधान का परिचय कहते है।,नेहरू द्वारा प्रस्तुत उद्देश्य संकल्प में जो आदर्श प्रस्तुत किया गया उन्हें ही संविधान की उद्देशिका में अथवा स्रोत भारत के लोग ही हैं|

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The motive of the Constitution of India is called ‘the key to the Constitution’. The words ‘socialism’, ‘secularism’ and ‘the integrity of the nation’ were added in the 42nd Constitution Amendment Act of 1976, based on the objective proposal presented in the Constituent Assembly. is. Whether the objective is on the basis of religion, on the basis of caste, sex, birth or nationality. In the introduction, general information about the constitution is mentioned, so the introduction is called introduction to the Constitution.And The ideology presented by Nehru in the resolution of the ideals presented to them is only in the objectives of the Constitution or the source of the people of India.

 

भारतीय संविधान की उद्देशिका अथवा प्रस्तावना के बारे में प्रमुख तथ्य

“हम भारत के लोग, भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन, समाजवादी, धर्म निरपेक्ष तथा लोकतन्त्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा उसकी समस्त जनता को………….”

We, the people of India, to make India a perfect sovereignty, socialist, secular and democratic Republic, and to all its people …”

(1).प्रस्तावना के बारे में प्रमुख तथ्य

(A).किसी भी देश कि प्रस्तावना मे उस देश के सविधान के उद्देश्य, लक्ष्य और परिचय लिखा होता है उसे उद्देशिका कहते है अर्थात् प्रस्तावना मे सविधान कि सामान्य जानकारी उल्लेखित होती है इसिलिए प्रस्तावना को किसी भी देश के सविधान का परिचय कहा जाता है|

(B).भारतीय प्रस्तावना का मुख्य उद्देश्य भारतीय नागरीको के लिए न्याय, स्वतंत्रता एंव समान्ता स्थापित करना है|

(C).भारतीय प्रस्तावना का आधार पण्डित जवाहर लाल नेहरू के द्वारा 13 दिसम्बर 1946 को सविधान सभा के समक्ष प्रस्तुत किये गये उद्देश्य प्रस्ताव को ही माना जाता है|

(A) In any country, the purpose, written and purpose of the country’s constitution, is to call it a motto, that is, in the introduction, general information about the constitution is mentioned, so the introduction is called the introduction of the Constitution of any country. |

(B) The main purpose of the Indian introduction is to establish justice, independence and equality for the Indian citizens.

(C). The basis of Indian Proposal is presented by Pandit Jawaharlal Nehru on December 13, 1946, to the purpose of the proposal presented to the Constituent Assembly.

(2)प्रस्तावना के प्रमुख उपनाम

(1) सविधान का परिचय-पत्र (N.k पालकी वाला ने कहा था)

(2) सविधान कि आत्मा/ह्रदय (पण्डित जवाहर लाल नेहरू ने कहा था)

(3) सविधान कि जन्म पत्री/कुण्डली (K.M मुंशी ने कहा था)

(4) सविधान कि कुँजी (ब्रिटिश इतिहासकार अर्नेष्ट बार्कर ने कहा था)

भारतीय सविधान मे प्रस्तावना कि भाषा/प्रारूप अॉष्ट्रेलिया के सविधान से लि गई है लेकिन प्रतावना के प्रथम चार शब्द (हम भारत के लोग) अमेरिका के सविधान से लिए गये है

(1) Introduction to the Constitution (N.K Palakwadi had said)

(2) the soul / heart of the Constitution (Pandit Jawaharlal Nehru said)

(3) Birth of the Constitution / horoscope (K.M. Munshi had said)

(4) The key to the Constitution (British historian Arnesh Barker had said)

Note= In the Indian Constitution, the introduction of the language / format has been taken from the Constitution of Australia, but the first four words of Pratuvna (people of India) have been taken from the US Constitution.

(3).प्रस्तावना मे प्रमुख संसोधन

भारतीय प्रस्तावना को अबतक केवल एक बार ही संसोधित किया गया है जो कि सन् 1976 के 42 वे संविधान संसोधन (इंदिरा गाँधी) के द्वारा प्रस्तावना मे 3 नये शब्द जोड़े गये थे जैसे-

(1) समाजवादी

(2) धर्म निरपेक्ष

(3) अखण्डता

भारतीय मुल प्रस्तावना मे कुल 85 शब्द थे भारतीय संविधान के भाग 19 मे प्रतावना को शामिल किया गया है|

प्रस्तावना संविधान का अंग/भाग है जिसे न्यायालय मे परिवर्तित नही किया जा सकता है लेकिन संसोधित किया जा सकता है परन्तु मुल ढ़ाचे मे नही

The Indian introduction has been revised only once, in which three new words were added in the introduction by the 42nd Constitutional amendment (Indira Gandhi) of 1976 such as:

(1) socialist

(2) secular

(3) Integrity

(A).The Indian introduction has been included in part 19 of the Indian Constitution, in total 85 words in the Indian child’s introduction.

(B).The preamble is the organ / part of the constitution which can not be changed in court but can be modified but not in the body structure

 प्रस्तावना से सम्बधित महत्वपूर्ण वाद/केस/विवाद-

(A) मदन गोपाल वाद (1957)

इस वाद के अनुसार प्रतावना को किसी भी न्यायालय द्वारा परिवर्तित नही किया जा सकता है|

(B) बेरूबरी युनियन वाद (1960)

इस वाद के अनुसार प्रस्तावना को संविधान का अंग/भाग नही माना था|

(C) केशवानन्द भारती वाद (1973)

Note=इस वाद मे प्रस्तावना को संविधान का अंग/भाग माना गया था तथा इसी केस मे प्रस्तावना को सविधान कि आख कहा गया है|

(A) Madan Gopal Vaad (1957) According to this dispute, Pratawan can not be changed by any court.

(B) Berubari Union Award (1960) According to this dispute, the preamble was not considered as part of the Constitution.

(C) Keshavnanda Bharti Vs. (1973)

Note=In this argument, the introduction was considered to be part of the Constitution and in this case the preamble has been called as the Constitution.

भारतीय प्रस्तावना मे उपयोग किये गये महत्वपूर्ण शब्द

(1) हम (एक बार प्रयोग हुआ)

(2) राष्ट्र (एक बार प्रयोग हुआ)

(3) व्यक्ति (एक बार प्रयोग हुआ)

(4) गणराज्य (एक बार प्रयोग हुआ)

(5) भारत (दो बार प्रयोग हुआ)

Note=भारतीय संविधान मे हिन्दी प्रारूप मे भारत के लिए भारत शब्द प्रयोग हुआ है जबकी अंग्रेजी प्रारूप मे India शब्द प्रयोग हुआ है|

(1) We (used once)

(2) Nation (once used)

(3) person (used once)

(4) Republic (once used)

(5) India (used twice)

Note = Indian version has been used for India in the Hindi format in the Indian constitution, whereas in the English format the word Indian has been used.

(1). ऑस्ट्रेलिया का संविधान

यह विश्व मे सर्वाधिक समय (9 साल) मे तैयार होने वाला संविधान अॉष्ट्रेलिया का है|

(2).अमेरिका का संविधान

यह विश्व मे सबसे कम समय (4 माह) मे तैयार होने वाला संविधान अमेरिका का है|

(1). Constitution of Australia

This is the Constitution that is ready for the highest time in the world (9 years).

(2). The Constitution of the United States

This is the United States Constitution, prepared in the shortest time (4 months) in the world.

 

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