List of Major Foreign Travelers Coming to India

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foreign travelers coming to India

Republic of Korea. The tropical backwaters and pristine beaches of Kerala are most popular tourist destinations in India and Tamil Nadu is the most visited tourist destination by both Indian and International tourists.and Top 15 Foreign Tourist Arrivals in India by Countries Germany – 295,928, France – 288,707,Sri Lanka – 272,418,China – 251,313,Singapore,Japan,Thailand.

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(1) . Pliny the Elder —- It came in India in the first century. Pliny has written a book called ‘Nautral History’. This book provides information about Indian animals, trees, minerals etc.

(2). Leonard Talmy —- Talmi, the author of the book ‘Geography of India’, visited India in the second century.

(3). Megasthenes —- it was the ambassador of a Greek ruler Sailucus Nicator who was born in 302 BC. Chandragupta came to the court of Maurya. It remained in the court of Chandragupta Maurya for 6 years and wrote a book called ‘Indica’. This book provides information about the culture, society and Indian history of the Mauryan era.

(4) .Dimecus —- It came in the court of Bindusara. Dimecus was the ambassador of the Syrian king Antiochus. The description made by it belongs to the Maurya Empire.

(5) . Dionysius the Areopagite —- It was the Greek ambassador who came to the court of Emperor Ashoka. It was sent as messenger by the King of Egypt, Talmy Philadelphia.

(6). Faxian —- It was a Chinese traveler who came to India in 405 AD during the reign of Chandragupta II in the Gupta Empire and stayed in India till 411 AD. Its original purpose was to get information about Indian Buddhist texts. It has described the people of Madhya Pradesh as happy and prosperous in its description.

(7). Xuanzang Chinese scholar —- It was also a Chinese traveler who came to India during the reign of Harshavardhana. He lived in India from 630 AD to 643 AD and studied at Nalanda University for 6 years. The travelogue of Huanseong is also known as Si-Ru-Ki. Its description mentions the society, religion and politics of Harshavardhana’s period.

(8). Samyugan —- It was a Chinese traveler who came to India in 518 AD. It collected copies related to Buddhism in its travels.

(9) . Yijing Translator —- This Chinese traveler traveled to India in the 7th century. It has described Nalanda University and Vikramashila University.

(10). Al-Biruni Iranian scholar —- It came to India with Mahmud Ghaznavi. Alberuni wrote a book called ‘Tahakiq-e-Hind or’ Kitabul Hind ‘. This book describes the history, society, customs, and politics of Hindus. (11). Markopolo —- It came to India at the end of 13th century. It was a traveler from Venice who came to the court of the Panday king.

(11). Marco Polo Merchant —- It came to India at the end of 13th century. It was a traveler from Venice who came to the court of the Panday king.

(12). Ibn Batuta —- This African traveler came to India during the time of Muhammad Tughlaq. It was appointed as the Chief Qazi by Muhammad Tughluq and sent to the Chinese as ambassador. ‘Rehala’ has been composed by Ibn Batuta, which gives information about the rule of Feroze Tughlaq.

(13). Alamsoodi —- This Arabic traveler came to India during the reign of Pratihara ruler Mahipal I. A text called ‘Mahajul Jabah’ was written by it.

(14). Abdul Razzaq —- This Iranian traveler came to India during the rule of Devaraya II, the ruler of Vijayanagara.

(15). Peter Mundy —- It was a traveler from Europe who came to India during the reign of Jahangir.

(16) . Hector Barbossa —- It came to India in 1560 AD when the ruler of Vijayanagara was Krishnadevaraya.

 (17). Nicola Manuki —- This was a traveler from Venice who came to Aurangzeb’s court. It wrote a treatise called ‘Storio de Mogor’ which describes the Mughal Empire.

(18). Belangder de laspinay —- This was a French soldier who reached India with the Marine Fleet in 1672 AD. It contributed significantly to the establishment of the city of Pondicherry.

(19). Jean Baptiste Tavernier —- It came to India during the reign of Shah Jahan. Through this, information about India’s famous diamond ‘Kohinoor’ has been given.

(20). Sir William Hawkins – It lived in India from 1608 AD to 1613 AD. It came to India at the time of Jahangir and tried to get the facility for the East India Company. He was knowledgeable of Persian language. Through this, information about Jahangir’s court decoration and life of Jahangir is obtained.

(21). Sir Thomas Roe —- It came in the court of Jahangir in 1616 AD. It attempted to obtain trading facility for the East India Company from Jahangir.

(22). Maxime Bernier —- It was a French doctor who came to India in 1556 AD. It describes the reign of Shah Jahan and Aurangzeb. Its journey is described in ‘Travels in the Mughal Empire’ which was published in 1670 AD.

(23). Hamilton —- It was a surgeon who came to India as a member of the East India Company’s delegation during the rule of Farukhasiyar.

भारत मे आने वाले प्रमुख विदेशी यात्री

(1).प्लिनी —- यह  भारत में पहली शताब्दी में आया था। प्लिनी द्वारा ‘नेचुरल हिस्ट्री’ (Nautral History) नामक पुस्तक लिखी गयी है। इस पुस्तक में भारतीय पशुओं,पेड़ों,खनिजों आदि के बारे में जानकारी प्राप्त होती है

(2).टॅालमी —-  ‘भारत का भूगोल’ नामक पुस्तक के  लेखक टॅालमी ने दूसरी शताब्दी में भारत की यात्रा की थी।

(3).मेगास्थनीज —-  यह एक यूनानी शासक सैल्युकस निकेटर का राजदूत था जो 302 ई.पू. चन्द्रगुप्त मौर्य के दरबार में आया था। यह 6 वर्षों तक चन्द्रगुप्त मौर्य के दरबार में रहा और ‘ इंडिका ‘ नामक पुस्तक लिखी। इस पुस्तक से मौर्य युग की संस्कृति,समाज एवं  भारतीय इतिहास की जानकारी प्राप्त होती है ।

(4).डाइमेकस —- यह बिन्दुसार के राजदरबार में आया था । डाइमेकस सीरीयन नरेश आन्तियोकस का राजदूत था। इसके द्वारा किये गए विवरण मौर्य साम्राज्य से संबंधित है।

(5).डायोनिसियस —-  यह यूनानी राजदूत था जो सम्राट अशोक के दरबार में आया था। इसे मिस्र के नरेश टॅालमी फिलेडेल्फस द्वारा दूत बनाकर भेजा गया था।

(6).फाहियान —- यह एक चीनी यात्री था जो गुप्त साम्राज्य में चन्द्रगुप्त द्वितीय के शासन काल में 405 ई. में भारत आया था तथा 411 ई. तक भारत में रहा। इसका मूल उद्देश्य भारतीय बौद्ध ग्रंथों की जानकारी प्राप्त करना था। इसने अपने विवरण में मध्यप्रदेश की जनता को सुखी और समृद्ध बताया है।

(7).ह्वेनसांग —-  यह भी एक चीनी यात्री था जो हर्षवर्धन के शासन काल में भारत आया था। यह 630 ई. से 643 ई. तक भारत में रहा तथा 6 वर्षों तक नालंदा विश्वविद्यालय में शिक्षा ग्रहण की। हुएनसाँग के भ्रमण वृत्तांत को सि-रू-की  नाम से भी जाना जाता है।इसके विवरण में हर्षवर्धन के काल के समाज,धर्म एवं राजनीति का उल्लेख है

(8).संयुगन —-  यह चीनी यात्री था जो 518 ई. में भारत आया था। इसने अपनी यात्रा में बौद्ध धर्म से संबंधित प्रतियाँ एकत्रित किया।

(9).इत्सिंग —- इस चीनी यात्री ने 7 वी शताब्दी में भारत की यात्रा की थी। इसने नालंदा विश्वविद्यालय तथा विक्रमशिला विश्वविद्यालय का वर्णन किया है।

(10).अलबरूनी —-  यह भारत महमूद गजनवी के साथ आया था। अलबरूनी ने ‘तहकीक-ए-हिन्द या ‘किताबुल हिन्द’ नामक पुस्तक की रचना की थी। इस पुस्तक में हिन्दुओं के इतिहास,समाज, रीति रिवाज, तथा राजनीति का वर्णन है।

(11).मार्कोपोलो—- यह 13 वी शताब्दी के अन्त में भारत आया था। यह वेनिस का यात्री था जो पांडय राजा के दरबार में आया था।

(12).इब्नबतूता —-  यह अफ्रीकी यात्री मुहम्मद तुगलक के समय भारत आया था।मुहम्मद तुगलक द्वारा इसे प्रधान काजी नियुक्त किया गया था तथा राजदूत बनाकर चीनी भेजा गया था। इब्नबतूता द्वारा ‘रेहाला’ की रचना की गई है जिससे फिरोज तुगलक के शासन की जानकारी मिलती है।

(13).अलमसूदी —-  यह अरबी यात्री प्रतिहार शासक महिपाल प्रथम के शासन काल में भारत आया था। इसके द्वारा ‘महजुल जबाह’ नामक ग्रंथ लिखा गया था।

(14).अब्दुल रज्जाक —- यह ईरानी यात्री विजयनगर के शासक देवराय द्वितीय के शासन काल में भारत आया था।

(15).पीटर मुण्डी —- यह यूरोप का यात्री था जो जहांगीर के शासन काल में भारत आया था।

(16).बाराबोसा —-  यह 1560 ई. में भारत आया था जब विजयनगर का शासक कृष्णदेवराय था।

(17).निकोला मैनुकी —-  यह वेनिस का यात्री था जो औरंगजेब के दरबार में आया था। इसके द्वारा ‘स्टोरियो डी मोगोर’ नामक ग्रंथ लिखा गया जिसमें मुगल साम्राज्य का वर्णन है।

(18).बेलैंगडर डी लस्पिने —-  यह एक फ्रासीसी सैनिक था जो 1672 ई. में समुद्री बेड़े के साथ भारत पहुँचा था। इसके द्वारा पाण्डिचेरी नगर की स्थापना में महत्वपूर्ण योगदान रहा था।

(19).जीन बैप्टिस्ट तेवर्नियर —-  यह शाहजहां के शासन काल में भारत आया था। इसके द्वारा ही भारत के प्रसिद्ध हीरा ‘ कोहिनूर ‘ की जानकारी दी गई हैं।

(20).कैप्टन हॅाकिग्स – यह 1608 ई. से 1613 ई. तक भारत में रहा। यह जहांगीर के समय भारत आया था तथा ईस्ट इंडिया कंपनी के लिए सुविधा प्राप्त करने का प्रयास किया। यह फारसी भाषा का जानकार था। इसके द्वारा जहांगीर के दरबार की साज सज्जा तथा जहांगीर के जीवन की जानकारी प्राप्त होती है।

(21).सर टामस रो —-  यह 1616 ई. में जहांगीर के दरबार में आया था। इसके द्वारा जहांगीर से ईस्ट इंडिया कंपनी के लिए व्यापारिक सुविधा प्राप्त करने का प्रयास किया गया था।

(22).बर्नियर —-  यह एक फांसीसी डाँक्टर था जो 1556 ई. में भारत आया था। इसने शाहजहां तथा औरंगजेब के शासन काल का विवरण किया है। इसकी यात्रा का वर्णन ‘ट्रेवल्स इन द मुगल एम्पायर’ में है जो 1670 ई. में प्रकाशित हुआ था।

(23).हमिल्टन —-  यह एक शल्य चिकित्सक था जो फारुखसियार के शासन काल में ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रतिनिधि मंडल का सदस्य बनकर भारत आया था।