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Current Affairs – 08 -September – 2019 And GK Question & Answers

The challenge of gender inequality in the world

According to a study published in the American journal, American Psychologist, 86 percent of American adults believe that both men and women have the same intellectual level.

(1). In one such study in the year 1946 it was revealed that only 35 percent of American adults believe that the intellectual level of woman and man is same.

(2). Current statistics show that in the 21st century there has been a tremendous change in the attitude of society towards women. But can it be taken as the fact that global society is close to achieving its objective of gender equality

(3). According to the World Employment and Social Outlook Trends for Women 2018 report, currently more women are educated and participate in the labor market. Is taking

(4) .However, among all these, in the ‘Global Gender Gap Report 2018’ released by the World Economic Forum, it has been said that to reduce gender discrimination at the global level, at least- It will take at least 108 years and at least 202 years to achieve equality in the workforce.

(5). If we accept the report of the World Economic Forum, then it will take us a long time to achieve the objective of gender equality. Therefore, there is no doubt that we need a new approach to solve the issue of gender inequality.

(6). Despite being educated and participating in the workforce, why have women not yet been accepted as equal

(7). For millions of years, except for some matriarchal societies, man has always been considered the head of the family. The role of men within the family has always been considered higher than the role of women, due to which gender inequality was never seen as a social value in families.

(8). Researchers from the University of Chicago, using census data from the years 1970 to 2000, stated that in those marriages where women earn more than men, chances of divorce are higher.

(9). In almost all the religious beliefs of the world, men are considered to be dominant. All major functions of religion, such as organizing religious ceremonies and increasing religious hierarchy, are reserved for men.

विश्व में लैंगिक असमानता की चुनौती

अमेरिकी पत्रिका ‘अमेरिकन साइकोलॉजिस्ट’ (American Psychologist) में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, 86 प्रतिशत अमेरिकी वयस्कों ने माना है कि महिला एवं पुरुष का बौद्धिक (Intellectual) स्तर समान है।

(1).वर्ष 1946 में ऐसे ही एक अध्ययन में यह बात सामने आई थी कि मात्र 35 प्रतिशत अमेरिकी वयस्क ही ऐसा मानते हैं कि महिला एवं पुरुष का बौद्धिक स्तर समान होता है।

(2).वर्तमान आँकड़े दर्शाते हैं कि 21वीं सदी में समाज का महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण में भारी बदलाव आया है। पर क्या इसे इस रूप में लिया जा सकता है कि वैश्विक समाज लैंगिक समानता के अपने उद्देश्य को प्राप्त करने के करीब है?

(3).वर्ल्ड एम्प्लॉयमेंट एंड सोशल आउटलुक ट्रेंड फॉर वीमेन TargetADDA टेलीग्राम चैनल से जुड़ें  (World Employment And Social Outlook Trends For Women) 2018 की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में पहले से ज्यादा महिलाएँ शिक्षित हैं एवं श्रम बाजार (Labour Market) में भाग ले रही हैं।

(4).हालाँकि इन सभी के बीच विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum) द्वारा जारी ‘ग्लोबल जेंडर गैप रिपोर्ट (Global Gender Gap Report) 2018 में कहा गया है कि वैश्विक स्तर पर लिंग भेद को कम करने के लिये कम-से-कम 108 साल तथा कार्यबल में समानता हासिल करने के लिए कम-से-कम 202 साल लगेंगे।

(5).यदि विश्व आर्थिक मंच की रिपोर्ट को मानें तो लैंगिक समानता के उद्देश्य को प्राप्त करने में हमें अभी काफी समय लगेगा। अतः इसमें कोई संदेह नहीं है कि लैंगिक असमानता के मुद्दे को हल करने के लिये हमें एक नए दृष्टिकोण की आवश्यकता है।

(6).शिक्षित होने एवं कार्यबल में हिस्सेदारी के बावजूद भी महिलाओं को अब तक बराबरी के रूप में क्यों स्वीकार नहीं किया गया है?

(7).लाखों वर्षों से कुछ मातृसत्तात्मक समाजों को छोड़कर पुरुष को सदैव ही परिवार का मुखिया माना जाता रहा है। परिवार के अंतर्गत पुरुषों की भूमिका सदैव ही महिलाओं की भूमिका से उच्चतर मानी गई है, जिसके कारण लिंग असमानता को परिवारों में कभी भी सामाजिक मूल्य के रूप में नहीं देखा गया।

(8).शिकागो विश्वविद्यालय के शोधकर्त्ताओं ने वर्ष 1970 से 2000 तक के जनगणना आँकड़ों का उपयोग करते हुए कहा था कि उन शादियों में, जहाँ महिलाएँ पुरुषों से अधिक कमाती हैं, तलाक की संभावनाएँ अधिक रहती हैं।

(9).विश्व की लगभग सभी धार्मिक मान्यताओं में पुरुषों को ही प्रधान माना जाता है। धर्म के सभी प्रमुख कार्य, जैसे-धार्मिक समारोह आयोजित करना और धार्मिक पदानुक्रम को बढ़ाना, पुरुषों के लिये आरक्षित हैं।

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