What is G-7 And G-20 Their Functions And Conferences

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G20 Summit

An organization called G-7 was founded in 1975 by 7 developed countries of the world. On inclusion of Russia in this, it is called G-8 but currently Russia is out of this organization. The developed countries of the world had formed an organization called G-7 to discuss issues before the world at international level or to solve a global problem. The G-20 is the union of developed and developing countries of the world.

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(A). Members of G-7 (Members of G-7)

(1). The 7 most developed nations of the world (France, Germany, Italy, United Kingdom, Japan, United States, Canada) gather every year for discussion in a country to bring everyone’s attention to the world’s problems.

(2). G – 7 is a consortium of the world’s most prosperous industrial countries – France, Germany, Italy, United Kingdom, Japan, United States, Canada. The group organizes annual meetings to promote consensus on global issues such as economic development and crisis management, global security, energy and terrorism.

(3) .G– 6 was composed of France, Germany, Italy, Japan, UK and USA. After this Canada joined the group in 1976, it became G– 7 and Russia in 1998 became G– 8. The G-7 also gets the name G-8 at various times.

(4). These countries are the countries with the most industrial activity in the world. The first G-7 summit was held in November 1975 at the Rambonilet near Paris. In the year 2018, the G-7 group member countries own 49% of global exports, 46% of the world’s GDP and 58% of the world’s total wealth. It holds 51% in industrial output and 49% in International Monetary Fund assets.

G-7 और G–20 क्या है: इनके कार्य और सम्मलेन

G–7 की 45 वीं बैठक फ़्रांस के बिआरिट्ज शहर में 24 से 26 अगस्त के बीच हुई जिसमें भारत की ओर से प्रधानमन्त्री मोदी ने भाग लिया था.

(A).G–7 के सदस्य देश (Members of G-7)

(1).विश्व के 7 सबसे विकसित राष्ट्र (फ्रांस, जर्मनी, इटली, यूनाइटेड किंग्डम, जापान, संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा) विश्व की समस्याओं पर सभी का ध्यान दिलाने के लिए हर साल किसी देश में विचार विमर्श के लिए इकट्ठे होते हैं.

(2).G–7, विश्व के सर्वोच्च सम्पन्न औद्योगिक देशों– फ्रांस, जर्मनी, इटली, यूनाइटेड किंग्डम, जापान, संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा  का एक संघ है। यह समूह आर्थिक विकास एवं संकट प्रबंधन, वैश्विक सुरक्षा, ऊर्जा एवं आतंकवाद जैसे वैश्विक मुद्दों पर आमसहमति को बढ़ावा देने के लिए सालाना बैठक का आयोजन करता हैं।

(3).G– 6 फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूके और अमेरिका से बना था। इसके बाद 1976 में इस समूह में कनाडा के शामिल होने के बाद यह G– 7 और 1998 में रूस के शामिल होने पर G– 8 बन गया. विभिन्न समयों पर G-7 का नाम G-8 भी हो जाता है.

(4).ये देश दुनिया के सबसे अधिक औद्योगिक गतिविधियों वाले देश हैं । G–7 का पहला शिखर सम्मेलन नवंबर 1975 में पेरिस के नजदीक रैमबोनीलेट (Rambonilet) में आयोजित किया गया था। वर्ष 2018 में G– 7 समूह के सदस्य देशों का वैश्विक निर्यात में 49%, विश्व की जीडीपी का 46% और दुनिया के कुल धन के 58% का मालिक है. औद्योगिक आउटपुट में 51% और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के परिसंपत्तियों में 49% हिस्सेदारी है।

G–20 (ग्रुप-20) इनके कार्य और सम्मलेन

The G-20 began as a meeting of finance ministers and central bank governors in 1999 following the financial crisis in Asia. The first summit of G-20 leaders was held in 2008 and the group was instrumental in responding to the global financial crisis. Its decisive and coordinated action empowered the consumer and business confidence and supported the first phase of economic reform. G-20 leaders have met eight times since 2008.

(1).G–20 की शुरुआत, 1999 में एशिया में आए वित्तीय संकट के बाद वित्त मंत्रियों और सेंट्रल बैंक के गवर्नरों की बैठक के तौर पर हुई थी। वर्ष 2008 में G–20 के नेताओं का पहला शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया था और समूह ने वैश्विक वित्तीय संकट का जवाब देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसकी निर्णायक और समन्वित कार्रवाई ने उपभोक्ता और व्यापार में भरोसा रखने वालों को शक्ति दी और आर्थिक सुधार के पहले चरण का समर्थन किया। वर्ष 2008 के बाद से G–20 के नेता आठ बार बैठक कर चुके हैं।

(2). Members of G – 20 are – Argentina, Australia, Brazil, Canada, China, France, Germany, India, Indonesia, Italy, Japan, Republic of Korea, Mexico, Russia, Saudi Arabia, South Africa, Turkey, United Kingdom, United States, European Union.

(2).G–20 के सदस्य हैं– अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, रिपब्लिक ऑफ कोरिया, मैक्सिको, रूस, सउदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका, यूरोपीय संघ।

(3). To ensure continuity, the presidency has the support of a “trio” composed of the host countries of the present, immediate past and future. In 2015, G– 20 was chaired by Turkey. During Turkey’s hosting year, G– 20 were members of Tirkey – Turkey, Australia and China.

(3).निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए, अध्यक्षता को वर्तमान, तत्काल अतीत और भविष्य के मेजबान देशों से बनी “तिकड़ी” का समर्थन मिलता है। वर्ष 2015 में G– 20 की अध्यक्षता तुर्की ने की थी। तुर्की के मेजबानी वर्ष के दौरान, G– 20 तिड़की के सदस्य थे– तुर्की, ऑस्ट्रेलिया और चीन।

(4). Preparations for the annual summit are held by senior officials called ‘Sherpa’ and who represent the leaders of the G-20. Australia is holding several meetings in preparation for the G-20 Leadership Summit, including meetings of Finance Ministers, Business Ministers, Employment Ministers, Sherpas, Financial Vice Presidents and subject-specific working groups.

(4).वार्षिक शिखर सम्मेलन की तैयारी वरिष्ठ अधिकारियों के जिम्मे होती है जिन्हें ‘शेरपा’ कहा जाता है और जो जी-20 के नेताओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। जी-20 नेतृत्व शिखर सम्मेलन की तैयारी में ऑस्ट्रेलिया कई बैठकें आयोजित कर रहा है जिनमें वित्तमंत्रियों, व्यापार मंत्रियों, रोजगार मंत्रियों, शेरपाओं, वित्तीय उपाध्यक्षों तथा विषय-विशिष्ट कार्य दलों की बैठकें शामिल हैं।